मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा ५० लाख टन धान पहुंचा राज्य की मंडियों में, किसानों को ७३०० करोड़ रुपए की धनराशि

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान जी का कहना है कि पराली की समस्या के प्रति किसानों को जागरुक करने की आवश्यकता है। साथ ही मुख्यमंत्री ने त्योहारों के चलते जहरीले व मिलावटी दूध और अन्य खाद्य पदार्थों पर सख्ती के भी निर्देश दिए हैं। त्यौहार के समय खाद्य पदार्थों की मांग में अत्यधिक वृद्धि होती है, इसलिए धन के लालच में लोग मिलावटी सामग्री बहुत बड़ी मात्रा में बेचते हैं जो मानव जीवन के लिए बेहद हानिकारक एवं चिंता का विषय है। पंजाब के मुख्यमंत्री ने आज चंडीगढ़ में राज्य सरकार के प्रशासनिक सचिवों के साथ मीटिंग की अध्यक्षता करते हुये बोला है कि बिना किसी देरी के किसानों के अनाज की खरीद और ढुलाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस बात पर खुशी जाहिर की है कि राज्य भर की मंडियों में लगभग 50 लाख मीट्रिक टन धान की फसल पहुँच चुकी है एवं किसानों को 7307.93 करोड़ रुपए की धनराशि दे दी गई है साथ ही किसानों की बिना किसी दिक्कत के खरीद को संपन्न किया जायेगा।


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पराली अवशेष के सन्दर्भ में भगवंत मान जी का क्या कहना है ?

साथ ही मुख्यमंत्री भगवंत मान जी का कहना है कि, किसानों को पराली अवशेष न जलाकर प्रदुषण से बचने के लिए जागरूक करना होगा। साथ ही कहा है कि पराली को आग लगाने से वातावरण बहुत प्रभावित होने के चलते मानव जीवन भी इससे बहुत अस्त व्यस्त हो जाता है। भगवंत मान ने कहा है कि किसानों को इससे होने वाले नुकसान के बारे में जागृत करके इसको जल्द से जल्द रोकने के लिए अच्छी पहल की आवश्यकता है।

खाद्य पदार्थों में मिलावट को लेकर क्या कहा मुख्यमंत्री भगवंत मान जी ने ?

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्वास्थ्य विभाग को बेकार किस्म की मिठाईयों एवं मिलावटी दूध से निर्मित खाद्य पदार्थों को प्रतिबंधित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री जी का कहना है कि किसी को भी लोगों के अनमोल जीवन से खिलवाड़ करने का कोई हक नहीं है। धन के लालची लोगों को मिलावट करने से रोकने के लिए सरकार सख्ती से पेश आएगी क्योंकि लोगों की जान की कीमत सबसे अधिक है।